Skip to content

apna bharat

April 4, 2013

विश्व भर के इतिहासकारों, लेखकों, राजनेताओं,वैज्ञानिकों, शासकों  और अन्य जानी मानी हस्तियों ने भारत की प्रशंसा की है और शेष विश्व को दिए गए योगदान की सराहना की है। ये टिप्पणियां भारत की महानता का मात्र कुछ हिस्सा प्रदर्शित करती हैं, फिर भी इनसे हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व का अनुभव होता है। गर्व से कहो, हम भारतीय हैं।

“हम सभी भारतीयों का अभिवादन करते हैं, जिन्होंने हमें गिनती करना सिखाया, जिसके बिना विज्ञान की कोई भी खोज संभव नहीं थी।!”

– एल्बर्ट आइनस्टाइन (अमेरिकी  विज्ञानी )

We owe a lot to the Indians, who taught us how to count, without which no worthwhile scientific discovery could have been made.” 
-Albert Einstein, American scientist

“भारत मानव जाति का पालना है, मानवीय वाणी का जन्म स्थान है, इतिहास की जननी है और विभूतियों की दादी है और इन सब के ऊपर परम्पराओं की परदादी है। मानव इतिहास में हमारी सबसे कीमती और सबसे अधिक अनुदेशात्मक सामग्री का भण्डार केवल भारत में है!”

– मार्क ट्वेन (लेखक, अमेरिका)

India is, the cradle of the human race, the birthplace of human speech, the mother of history, the grandmother of legend, and the great grand mother of tradition. our most valuable and most instructive materials in the history of man are treasured up in India only.
-Mark Twain, American author

“यदि पृथ्वी के मुख पर कोई ऐसा स्थान है जहां जीवित मानव जाति के सभी सपनों को बेहद शुरुआती समय से आश्रय मिलता है, और जहां मनुष्य ने अपने अस्तित्व का सपना देखा, वह भारत है।!”

– रोम्या रोलां (फ्रांसीसी विद्वान)

If there is one place on the face of earth where all the dreams of living men have found a home from the very earliest days when man began the dream of existence, it is India.”

-Romain Rolland, French scholar

“भारत ने शताब्दियों से एक लम्बे आरोहण के दौरान मानव जाति के एक चौथाई भाग पर अमिट छाप छोड़ी है। भारत के पास उसका स्थान मानवीयता की भावना को सांकेतिक रूप से दर्शाने और महान राष्ट्रों के बीच अपना स्थान बनाने का दावा करने का अधिकार है। पर्शिया से चीनी समुद्र तक साइबेरिया के बर्फीलें क्षेत्रों से जावा और बोरनियो के द्वीप समूहों तक भारत में अपनी मान्यता, अपनी कहानियां और अपनी सभ्*यता का प्रचार प्रसार किया है।”

– सिल्विया लेवी (फ्रांसीसी विद्वान)

“She (India) has left indelible imprints on one fourth of the human race in the course of a long succession of centuries. She has the right to reclaim … her place amongst the great nations summarizing and symbolizing the spirit of humanity. From Persia to the Chinese sea, from the icy regions of Siberia to Islands of Java and Borneo, India has propagated her beliefs, her tales, and her civilization!” 

-Sylvia Levi

“सभ्यताएं दुनिया के अन्य भागों में उभर कर आई हैं। प्राचीन और आधुनिक समय के दौरान एक जाति से दूसरी जाति तक अनेक अच्छे विचार आगे ले जाए गए हैं. . . परन्तु मार्क, मेरे मित्र, यह हमेशा युद्ध के बिगुल बजाने के साथ और ताल बद्ध सैनिकों के पद ताल से शुरू हुआ है। हर नया विचार रक्त के तालाब में नहाया हुआ होता था . . . विश्व की हर राजनैतिक शक्ति को लाखों लोगों के जीवन का बलिदान देना होता था, जिनसे बड़ी तादाद में अनाथ बच्चे और विधवाओं के आंसू दिखाई देते थे। यह अन्य अनेक राष्ट्रों ने सीखा, किन्तु भारत में हजारों वर्षों से शांति पूर्वक अपना अस्तित्व बनाए रखा। यहां जीवन तब भी था जब ग्रीस अस्तित्व में नहीं आया था . . . इससे भी पहले जब इतिहास का कोई अभिलेख नहीं मिलता, और परम्पराओं ने उस अंधियारे भूतकाल में जाने की हिम्मत नहीं की। तब से लेकर अब तक विचारों के बाद नए विचार यहां से उभर कर आते रहे और प्रत्येक बोले गए शब्द के साथ आशीर्वाद और इसके पूर्व शांति का संदेश जुड़ा रहा। हम दुनिया के किसी भी राष्ट्र पर विजेता नहीं रहे हैं और यह आशीर्वाद हमारे सिर पर है और इसलिए हम जीवित हैं. . .!”

– स्वामी विवेकानन्द (भारतीय)

Civilizations have arisen in other parts of the world. In ancient and modern times, wonderful ideas have been carried forward from one race to another…But mark you, my friends, it has been always with the blast of war trumpets and the march of embattled cohorts. Each idea had to be soaked in a deluge of blood….. Each word of power had to be followed by the groans of millions, by the wails of orphans, by the tears of widows. This, many other nations have taught; but India for thousands of years peacefully existed. Here activity prevailed when even Greece did not exist… Even earlier, when history has no record, and tradition dares not peer into the gloom of that intense past, even from until now, ideas after ideas have marched out from her, but every word has been spoken with a blessing behind it and peace before it. We, of all nations of the world, have never been a conquering race, and that blessing is on our head, and therefore we live….!

-Swami Vivekananda (Indian philosopher) 

“यदि हम से पूछा जाता कि आकाश तले कौन सा मानव मन सबसे अधिक विकसित है, इसके कुछ मनचाहे उपहार क्या हैं, जीवन की सबसे बड़ी समस्याओं पर सबसे अधिक गहराई से किसने विचार किया है और इसकी समाधान पाए हैं तो मैं कहूंगा इसका उत्तर है भारत।”

– मेक्स मुलर (जर्मन विद्वान)

If I were asked under what sky the human mind has most fully developed some of its choicest gifts, has most deeply pondered on the greatest problems of life, and has found solutions, I should point to India. 

-Max Mueller (German scholar)

“भारत ने चीन की सीमापार अपना एक भी सैनिक न भेजते हुए बीस शताब्दियों के लिए चीन को सांस्कृतिक रूप से जीता और उस पर अपना प्रभुत्व बनाया है।”

– हु शिह (अमेरिका में चीन के पूर्व राजदूत)

“India conquered and dominated China culturally for 20 centuries without ever having to send a single soldier across her border.” 

Hu Shih, former Ambassador of China to USA

“दुनिया के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां एक बार जाने के बाद वे आपके मन में बस जाते हैं और उनकी याद कभी नहीं मिटती। मेरे लिए भारत एक ऐसा ही स्थान है। जब मैंने यहां पहली बार कदम रखा तो मैं यहां की भूमि की समृद्धि, यहां की चटक हरियाली और भव्य वास्तुकला से, यहां के रंगों, खुशबुओं, स्वादों और ध्वनियों की शुद्ध, संघन तीव्रता से अपने अनुभूतियों को भर लेने की क्षमता से अभिभूत हो गई। यह अनुभव कुछ ऐसा ही था जब मैंने दुनिया को उसके स्याह और सफेद रंग में देखा, जब मैंने भारत के जनजीवन को देखा और पाया कि यहां सभी कुछ चमकदार बहुरंगी है।”

– किथ बेलोज़ (मुख्य संपादक, नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी)

“There are some parts of the world that, once visited, get into your heart and won’t go. For me, India is such a place. When I first visited, I was stunned by the richness of the land, by its lush beauty and exotic architecture, by its ability to overload the senses with the pure, concentrated intensity of its colors, smells, tastes, and sounds… I had been seeing the world in black & white and, when brought face-to-face with India, experienced everything re-rendered in brilliant technicolor.” 

-Keith Bellows, National Geographic Society. 

Advertisements

From → Uncategorized

Leave a Comment

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: