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गर्व से कहो हम हिंदू है ।, क्यों?

April 5, 2013

१) हिन्दुओं ने गत १०,००० वर्ष के अपने इतिहास में राजनितिक विजय के द्वारा किसी भी देश को अपना उपनिवेश नहीं बनाया.

२)हिन्दुओं ने संख्या प्रणाली का अन्वेषण किया. पांचवी शताब्दी में आर्यभट ने शुन्य ”०” का प्रयोग किया. आर्यभट से भी हजारो वर्ष पूर्व वैदिक कालखंड में शुन्य का ज्ञान था.

३)हिन्दुओं ने ही विश्व को दशमलव प्रणाली दी.

४)दुनिया का पहला विश्वविद्यालय ईसा पूर्व ७०० में तक्षशिला में स्थापित हुआ. वहांविश्व भर से आये १०,००० से अधिक छात्र ६० से अधिक विषयों का अध्ययन करते थे.

५)सभी यूरोपीय भाषाओँ की जननी संस्कृत है.

६) फ़ोर्ब्स पत्रिका के अनुसार कंप्यूटर सॉफ्टवेर के लिए संस्कृत सबसे उपयुक्त भाषा है.

७)महर्षि चरक ने २५०० वर्ष पूर्व मनुष्य को ज्ञात सबसे पहली चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद का निर्माण किया.

८)अंग्रेजों के आक्रमण से पूर्व भारत भारत इस धरती का सर्वाधिक समृद्ध देश था.

९)नो-परिवहन (नेविगेशन ) का सूत्रपात ६००० वर्ष पूर्व सिन्धु नदी में हुआ था.अंग्रेजी शब्द नेवी भी संस्कृत शब्द नौ से ही विकसित हुआ है.

१०)भास्कराचार्य ने खगोल शास्त्र स्मार्त से सैकड़ों वर्ष पूर्व पृथ्वी द्वारा सूर्य प्रदक्षिणा की अवधि नापी थी. पांचवी शताब्दी में यह अवधि ३६५.२५८७५६४८४ दिन निर्धारित की गयी.

११)पाई का मूल्य सबसे पहले बोधायन ने आँका था. उन्होंने ही उसका सिद्धांत प्रतिपादित किया जिसे पाय्थोगारस सिद्धांत के नाम से जाना जाता है. यह कार्य बोधायन ने पाय्थोगारस से बहुत पूर्व -ईसा पूर्व ६ शताब्दी में ही कर दिया था.

१२)बीजगणित, त्रिकोणमिति और कैलक्युलस भारत की ही विश्व को देन है.

१३)श्रीधराचार्य ने ११ वि शताब्दी में वर्ग समीकरण (क्वाद्रिक इक्वेशन) की व्याख्या की.

१४) ग्रीकों और रोमनों द्वारा उपयोग में लाया जाने वाला अधिकतम अंक १०६ था ,जब की ईसा पूर्व ५००० वर्ष पहले वैदिक काल में हिन्दू “१० टू द पॉवर ऑफ़ ५३ ” जैसे बड़े अंक तक विशिष्ट नामों से प्रयोग में लाते थे.आज भी विशिष्ट नामों से उपयोग किया जाने वाला अधिकतम अंक टेरा है (१० टू द पॉवर ऑफ़ १२ )

१५)जेमोलोजिकल इंस्टिट्यूट ऑफ़ अमेरिका के अनुसार वर्ष १८९३ तक विश्व में भारत ही रत्नों का एकमात्र स्त्रोत था . अमेरिका स्थित आई.इ.इ.इ. ने साबित किया की प्रोफ.जगदीश चन्द्र बोस ही बेतार(मोबाइल ) संचार प्रणाली के अन्वेषक थे, न की मार्कोनी

१६) सिंचाई के लिए जलाशय और बांध का निर्माण सबसे पहले भारत में सौराष्ट्र में हुआ.

१७)शतरंज का मूल स्थान भारत ही है.

१८)शल्य चिकित्सा के प्रणेता थे सुश्रुत .२६०० वर्षा पूर्व उन्होंने अति जटिल शल्य क्रियाये की जैसे सिजेरियन, मोतियाबिंद, अवयव प्रत्यारोपण,पथरी आदि.

१९)प्लास्टिक और शल्य क्रिया में १२५ से अधिक उपकरण प्रयुक्त होते थे.

२०)अनेक प्राचीन ग्रंथों में शरीरशास्त्र जंतु-वनस्पति विज्ञानं (एतिलोजी),भ्रूण विज्ञानं,पाचन क्रिया,चयापचय(मेटाबोलिस्म ) अनुवांशिकता विज्ञानं (जेनेटिक ) और रोग से प्रतिरक्षा का गहरा ज्ञान पाया जाता है.   in addition to the list – architecture, remedial massage, Karate, art of lovemaking (kama sutra & tantric) was given by Bharat.

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