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हिन्दू धर्म को पाखंडी बाबाओ से खतरा

April 6, 2013

हिन्दू धर्म को सुधारना बहुत जरूरी है नही तो लोग नही रुकेंगे  …………………

 

१) संत, बाबा, पंडितो पर प्रतिबन्ध लगाओ. कथा-वाचन पर भी प्रतिबन्ध लगाओ. लोगो से कहो स्वयं पढ़ ले पुस्तक खरीद कर. इससे हिन्दू-धर्म मजबूत होगा क्युकी लोग स्वयं गीता, वेद पढ़ेंगे. उनकी स्वयं की निर्णय-क्षमता, आंकलन, निरिक्षण क्षमता विकसित होगी, जो बाबाओ के अंधे अनुकरण के कारण कभी विकसित नही हो पाती. 

२) ये सब मन्दिरों पर चढावो(पैसे, सोना डालना) पर कानूनन प्रतिबन्ध लगाओ. लोगो से कहो – “तुम मन्दिर जा सकते हो, भगवान की मूर्ती को शक्ति-स्थान मानकर नमन कर सकते हो. वहां बैठकर जितना देर चाहो ध्यान कर सकते हो. परन्तु उस शक्ति-स्थान को पैसा, लड्डू नही चढ़ा सकते. हाँ, एक दिया या अगरबत्ती जलाने की अनुमति है तुम्हे.” इससे बहुत लाभ है. लोग पैसा-लड्डू की रिश्वत छोडकर अपने ध्यान पर ज्यादा समय देंगे. अभी होता ये है की लोग मन्दिर जाते है परन्तु भगवान का ध्यान केवल दो क्षण करते है, बाकि समय लड्डू का पेकेट खोलो, पैसा निकालो, पुजारी को दो, इसी में जाता है. जो करने आये है वो तो करते ही नही ! जापान, सिंगापूर में भी मन्दिर है. परन्तु वहां पर कोई भी पैसा, लड्डू नही चढ़ाता. वो लोग केवल एक अगरबत्ती जलाते है, और मन्दिर को ध्यान-केंद्र जैसे ही समझते है. वहां बैठकर ध्यान करते है. फिर परिक्रमा कर के निकल जाते है. भारत में इसका स्वरुप विकृत हो चूका है, क्युकी पंडितो, मन्दिर के नियन्त्रको ने इसको धंदा बना लिया है. वो तो किसीको मन्दिर में बैठने भी नही देते. बस भेड-बकरी जैसे भीड़ लगती है, उसे आगे बढ़ते रहो, और पैसा, सोना चढाकर निकल लो.

ये 2 कार्य हो जाये तो बहुत बड़ी शुद्धि हो जाएगी हिन्दू-धर्म की. क्युकी इसीमे सारी जड है.

 

 

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