Skip to content

April 9, 2013

‘इमर्जेंसी के दौरान इंदिरा के घर में था अमेरिकी जासूस’

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर में 1975 से 1977 के दौरान एक अमेरिकी भेदिया था, जो उनके हर पॉलिटिकल मूव की खबर अमेरिका को दे रहा था। विकिलीक्स ने अमेरिकी केबल्स के हवाले से यह सनसनीखेज खुलासा किया है। विकिलीक्स के मुताबिक, इमर्जेंसी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर में मौजूद इस भेदिए की उनके हर राजनीतिक कदम पर नजर थी। वह सारी जानकारी अमेरिकी दूतावास को मुहैया करा रहा था।

विकिलीक्स ने दिल्ली में अमेरिकी दूतावास से भेजे गए नए केबल्स जारी किए हैं। इन केबल्स में कई बार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के घर के ‘एक सूत्र’ से मिली जानकारी का जिक्र है। केबल्स में इस सूत्र के हवाले से इंदिरा गांधी के संभावित अहम फैसलों की जानकारियां अमेरिका को भेजी गईं, जो बाद में बिल्कुल सही निकलीं।

************************

पूरा ‘नेहरू खानदान’ ही देश को बेचने के लिये बनाया हुआ है … कभी इस खानदान की ‘चाबी’ युरोप के पास रहती है तो …कभी अमेरिका के पास (यहूदी) ??

मुस्लिम समाज इस कांग्रेस को अपना रखवाला समझता है पर हकीकत में आज सबसे ज्यादा कांग्रेस में ही ‘इस्लाम-विरोधी’ एजेंट छुपे बेठे हुए है जो उदारीकरण के नाम पर देश में घुसी हुई ‘यहूदी’ ओर ‘अमेरिकन’ कंपनी को सीधे सीधे तौर पर फायदा पहुचा रहे हैं ! एक मुस्लिम यूनिवर्सिटी ओर कब्रिस्तान के लिये कुछ जमीन का वादा कर दो और जीत जाओ चुनाव ??

इस्लाम ,यहूदी और ईसाई के अघोसित संघर्ष में सनातन धर्म ओर हिन्दू समाज का धीरे धीरे पतन हो रहा है ! हिन्दू दोष एक दूसरी ‘जाति’ पर डाल रहे हैं … भारत मे डेमॉक्रेसी के नाम पर ‘डाइनेस्टी’ चल रही है, और इसका सारा दोष निकम्मी भारतीय जनता को जाता है ! कल तक यही जनता ‘शास्त्री जी’ की हत्यारिन (इंदिरा गांधी) को देश सबसे ताकतवर महिला प्रधानमंत्री कहती थी ! दिमाग का इस्तमाल करते नही और अपना सिर् किसी के सामने इसलिये झुका देते हैं क्यूंकि उसका बाप प्रधानमंत्री था और उसकी दादी प्रधानमंत्री थी ? 

वो इतिहास पढ़ा है तुमने जो नेहरु के प्रधानमंत्री निवास में 75 दिनों तक अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय और अंग्रेजों के निर्देशों पर बनाया गया ! जिसमे प्राचीन शिव मन्दिर तेजो महालय को ताज महल, ध्रुव स्तम्भ को क़ुतुब मीनार और शिव मन्दिर को जामा मस्जिद ही पढ़ाया जाता है ! कही हिन्दू शुद्रो को ‘मूलनिवासी’ बनाया हुआ है तो कही क्षत्रिय यूडुवंशी को…. ‘अहीर’ ??श्री राम के समय तो केवल 4 वर्ण थे …..सारे वर्ण कर्म प्रधान थे..आज 20,000 से जायदा जातिया है …सबका इतिहास ‘उल्टा’ लिखा हुआ है ! कुल मिला कर अगर आप जातिगत हिसाब से चले तो ‘हार’ है ….हिन्दू कभी ‘एक’ नही होगा …कुछ नया रास्ता निकलना होगा !

यह तो सभी जानते हैं फसेबूक पर ही काफी पेज ( दलित चेंबर्स , मूलनिवासी पेज , ऑबीसी फेडरेशन आदि आदि ) केवल ब्रह्मण विरोध पर ही अपनी राजनीति रोटिया सेक रहे हैं ..पर किसी दल ने निवारण क्यों नही किया है इस समस्या का ? मोदी जी ने सावरकर जी की तरह् प्रयास किये थे पर कई रास्ट्रवादी पेज ही उनके खिलाफ हो गये ??उत्तर-प्रदेश के किसी कस्बे में एक ‘मोदी जी’ नाम से अभियान ही चलाये तो लगता है अभी 4-5 साल ओर लगेंगे इस देश को मोदी जी कार्यो को समझाने में ?

क्या वास्तव में आज हम ‘वोट’ देना चाहते हैं या हम पर वोट से चुनने का ‘कुचक्र’ जबरदस्ती थोंपा गया है ?? सारे यूरोप – अमेरिका के लिए लूट का केंद्र बने भारत को गुलामी कि जंजीरों से मुक्त करवाने हेतु आगे आओ l उठो…. सत्य और धर्म की संस्थापना कि हुंकार तो भरो एक बार, विश्व के सभी देशों कि बोद्धिक संपदा बने भारत !

इस देश का सविधान ही ‘कांग्रेस’ की सबसे बड़ी ढाल है…..जातिगत वोटिंग की काट निकाल लो वर्ना इस ‘कांग्रेस’ को इस देश से कोई नही हटा पायेगा ..स्मस्या गंभीर है पर अगर देश के 5000 युवा जो बस मोदी जी को प्रधानमंत्री बनवाने के लिये आगे आये तो सारे समाधन संभव है …

”आज अंतिम उमीद बस मोदी जी है”

 — with Sanjay GurjarRatankumar TapakireShrey JoshiSaurabh GradeAjay TyagiMandar BetageriCool MonuRajputana Rana,DRalok GargDeepak DubeyManish KamatRaja Sharmaहरि हरराम प्रसाद बिस्मिल,प्रबुद्ध कुमार भारतीयनितिन सिंह सावरकरनितिन सिंह सावरकरनितिन सिंह ‘धर्म देशभक्ति’,नितिन सिंह सावरकरदीपक शर्मादलित क्रांति दलित क्रांतिकौशलेन्द्रम कुक्कूआर्य धनञ्जय,अंकित दुबेअंकुर मिश्रViresh Singh TomarTC ChanderSuraj Pratap Singh RaghuwanshiSunil BarthwalShri Gopal SharmaSanjeev ChoudharySanjayPati TripathiSanjay KushavahaSamrat VikramadityaRinkesh JainRishabh Rajauria,Ram BholwankarRakesh SharmaRam Kumar MauryaRajat KulshresthaRajendra SharmaPt Satyam ShuklaPrabhu Dayal VashistNitin VajpayeeNarpat Raj PurohitMaharshi BagrendraLove NationKrishna YadavKamla ShokeenJeet BhargavaJeetendra Singh ArainHitesh GohelHimanshu VijayvargiyaHemraj KushwahGyanu MadaviGyanveer SinghEr Deependra Singh SengarEr Vishal GoyalEk BhartiyaDevendra SwadeshiDeep ManiCare NamanAshutosh Tewari,Aryan Joshi JoshiArvind VidrohiAmit AnandGauri MahadevDharmendra ChouhanDeepesh DeshmukhDalit Yuva DalDaljinder SinghBharat Swabhiman Yuva JhunjhunuBesabab BenishanBajrangdal SavarkarwadiAnand TiwariAnand BharatAmitesh KumarAmbika GehlotAmarendra ShrivastwaAlok Thakur,Akhilesh MalavAditya Jatav‘Jitendra Kumar Pandey‘सुमित चॉवला’Aarya Jigar,DrDinesh DalalDigvijaysinh JadejaShivji DubeyGyaanesh Chandra GrasAshish ChandraChakradhar SinghUpendra ChaudharySanjay BhumiharKalicharan BeheraArunesh Ek BhartiyaVikram BhanushaliEk BharatiyBharat Kumar Raj PurohitBrijesh PatelBhagirathsinh JadejaBharat BendwalArvind JadounNeha SinghNeha Singh and Neha Singh.

 
Unlike ·  · Unfollow Post · Share · 6 hours ago

  •  
  •  
    Ashish Chandra very nyc
    6 hours ago · Like · 2
  •  
    राम प्रसाद बिस्मिल saavarkar ji aapse baat karni hai
    5 hours ago · Like · 4
  •  
    नितिन सिंह सावरकर देश का 20 % वोटर दलित है , जो आज एक बकवास मूलनिवासी की कहानी को मानता है ओर हिन्दू धर्म को अपना (दलितों) दुशमन समझता है ! मायवती का एक देख का पढ़ा हुआ छोटा सा भाषण भी पूरे समाज को अपनी ओर खीच सकता है …सोचे इस ‘नफरत (?) ‘ की क्या सीमा क्या होगी ??

    30% – 40% वोटर आज पिछड़ा समाज है ….( यादव , सैनी , कुर्मी , जाट , गुज्जर , पाल आदि आदि हैं ) जो ‘मन’ के हिसाब से चलता है ….

    20-25 % वोटर मुस्लिम समाज है जो बस बहुत बड़ी गलतफहमी में कांग्रेस को अपना और इस्लाम का रक्षक मान बेठा है …..फिलहाल इसका लाभ ब.ज.प को नही मिलेगा !

    बाकी का समाज भी बॅट कर को B.J.P स्मार्थन दे रहा है …..
    अब कोई बताये देश का कितना वोटर आज बी जे पी के नाम से जुड़ा है ??

    आज B.J.P जहा अपनी जीत देख रहै है …..वहा कांग्रेस अपनी 2014 वापसी पर पूरी तरह आश्वत है !
    5 hours ago · Unlike · 9
  •  
    Ram Bholwankar Modi Lao Desh Bachawo.
    5 hours ago · Like · 2
  •  
    Amarendra Shrivastwa … Bahut khub…
    5 hours ago · Like · 2
  •  
    राम प्रसाद बिस्मिल नितिन सिंह सावरकर जी वन्दे मातरम् मेसेज कीजिये…….!!
    5 hours ago · Edited · Like · 2
  •  
    Sanjay Bhumihar tajmahal ki kahani to jante hai jara jama masjid aur kutub minar ki kahani hogi to jarur send kr denge. aise aaplogon ka post bahut hi badhiya rahta hai.
    5 hours ago · Unlike · 3
  •  
    Suraj Pratap Singh Raghuwanshi Modi ji hi Vikalp hai…
    5 hours ago · Like · 2
  •  
    Neha Singh मोदीजी जैसा काबिल नेता प्रधानमंत्री बनाने है तो भी भा ज प इसका उसका नाम उछलकर अपना सर्व नाश करने पे तुली है अगर ए एसा ही चलता रहा तो को भा ज प कभी भी जीत नही पायेगी अब समय आगया है सब कुछ भूल के मोदीजी को प्रधानमंत्री बनाया जाये बाकी भा ज प के नेताओने एक जुट हो कर काम करना होगा अपने वक्तिगत आकंशाओ से बाहर आके भारत के जतना को एक आछा विकल्प देना होगा नही तो भा ज प के आपस के कलह का फायदा फिर से कॉंग्रीस उठा ले जायेगी !
    5 hours ago · Unlike · 4
  •  
    Neha Singh वर्तमान सवाल इस रास्ट्र के लिये यह नही है की प्रधान मंत्री मोदीजी बन रहे है या आडवाणी जी या मूर्ख राहुल या कोई अन्य ?? आज दुनिया के सामने यह सवाल उठ खड़ा हो गया है की भारत मे फल फूल रहे ग्लोबल आतंकवाद को खत्म करने की हिम्मत किस ‘राजनेता’ मे है ? क्योंकि आज सारी दुनिया ग्लोबल्म आतंकवाद को मूह तोड जवाब दे रही है और लगभग हर जगह पूरी ताकत से जबाब देने के सुनुयोजित ओर शशक्त तैयारी है लेकिन भारत मे आज भी इस आंतकवाद की जड़े कायम है और कांग्रेस की गलत नीतीयो के कारण भारत मे खूब फल फूल भी रही है जैसा की आये दिन भारत मे बम्ब ब्लास्ट करके आतंकवादी पकड़े तक नही जाते हैं , इससे शर्मनाक बात और कोई हो भी नही सकती.
    5 hours ago · Unlike · 5
  •  
    Neha Singh विश्व के ताकतवर देश आज भारत देश के गधे नेताओ ओर मूर्ख राज नीतियो का मजाक बना रहे हैं ,
    5 hours ago · Unlike · 3
  •  
    Neha Singh आजादी के वक्त गोरो ने हिन्दुस्तान का लोकतंत्र नही राज-गद्दी ‘फर्ज़ी – नेहरू’ को सोंप कर गये थे , ओर उसी गद्दी की लड़ाई मे इस ‘नेहरू खानदान’ ने लोकतंत्र का मजाक बना कर रख दिया ,सत्ता पाने के लिये पहले देश का विभाजन किया गया , हिन्दू-मुसलमानो को एक दूसरे के खिलाफ भडकाया गया ! कत्ले आम हुए , लाखो सिंधी , पंजाबी ,सरदार भाइओ ने अपने परिवार ,रोजगार, अपने व्यवसायो को खोया , फिर भी आजादी के नाम पर इन जातिओ ने इसे भी बर्दाश्त किया !
    5 hours ago · Unlike · 5
  •  
    Neha Singh कुछ प्रश्न जिनके उत्तर हर देश-भक्त चाहता हे – 1) डॉ राममनोहर लोहिया की म्रत्यु का जिम्मेदार कौन हे ? 2) नेताजी सुभाषचंद्र बोस को अंग्रेज़ हुकूमत को सोपकेर नकली दुर्घटना करना किसकी साजिश थी ? 3) ललबहादुर शास्त्री की हत्या का जिम्मेदार कौन ? 4) 1984 मे लाखो सिखौ की हत्या, लुटपाट करने के लिए जिम्मेदार कौन? 5) मंदिर-मस्जिद के नाम पर देश मे दंगे करने के लिए जिम्मेदार कौन? 6) खलिस्थान को हवा देने वाला कौन ? 7) स्विस खातो मे जमा रकम का हिसाब देगा कौन ? 8)राजीव दीक्षित की संदेहात्मक मोत का जिम्मेदार कौन ?
    5 hours ago · Unlike · 5
  •  
    Neha Singh आज भी इस देश का अन्नदाता (किसान ) आत्महत्या करता है ? क्यों , आज देश के जायदतर छोटे व्यापार बंद होते जा रहे हैं , 75000 से जायदा छोटे निजी उधोग की जगह चीन निर्मित प्रॉडक्ट ने ले ली है ..( क्या इसका कारण चीन से ‘केंद्र सरकार’ को मिलने वाला 90 लाख carores से ज्यादा , सालाना ‘कमिशन’ तो नही है ) क्यों , आज भी श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा नहीं फहराया जा सकता है ? कैसे , आज भी इस देश में देश का ‘गृहमंत्री’ हिन्दू को आतकवादी कहता है ? राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्र का सम्बोधन ‘हिन्दी भाषा’ में क्यों नहीं ? क्यों आज , भी बुद्दिजीवी ईमानदार भूखा है, देश के ‘गधे’ दलाल बनकर हिंदुस्तान को खा रहे है ? क्यों आज भी हिन्दुस्तान की परतिस्पर्धा में कोई इंसान ने आसमान भी छू लिया है तो उसके दिल और दिमाग से पूछिये वो “इमानदारी” से नहीं कोई गलत काम करके ही आगे बड़ा है ?
    5 hours ago · Unlike · 3
  •  
    Neha Singh “जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन वाला गणतन्त्र”…….. या “नेता द्वारा, नेता के लिए, नेता का शासन वाला गणतन्त्र ” नाराजगी तंत्र से है, राष्ट्र से नहीं, उन ‘अमर बलिदानियों’ से नहीं, जिनके बलिदानों के दम पर हम स्वतंत्र और गणतंत्र है ! इस संविधान को बदलना हे, वरना बी जी पी भी आगे जा कर कांग्रेस बन जाएगी
    5 hours ago · Unlike · 3
  •  
    Neha Singh Sanjay Bhumihar ji @ “कुताब-मीनार” सुप्रसिद्घ गणितज्ञ वराह मिहिर की मिहिरावली (महरौली) स्थित वेधशाला हैं !!
    5 hours ago · Unlike · 3
  •  
    Neha Singh जैसा की परिदृश्य देखने से लगता है , चूंकि “मोदी जी” बीजेपी का सर्वाधिक सफल, उन्नतशील और प्रेरक नेता बन चुका है अतः एक सोच समझी साजिश के तहत उसके खिलाफ ‘एक अभियांन’ चलाया जा रहा है., जिससे की जो कम ‘विचारशील लोग’ है वे ऐसी बातों पर तुरंत विश्वास कर ले लेते हैं !. ( लोगो का मानसिक स्तर केवल उनके आस-पास घटित होने वाली घटानयो से सबसे जायदा प्रभावित होता है , मीडिया का प्रतिदिन दिखाया जाने वाला ‘ झूठ’ भी ‘सच’ प्रतीत होता है )
    5 hours ago · Unlike · 4
  •  
    Neha Singh जब तक ‘जातीय’ आधार पर नौकरी और प्रमोशन में आरक्षण मिलता रहेगा, तब तक जातीय भेदभाव समाप्त नही हो सकता है ! बल्कि ऐसा लगता है की जाती के आधार पर आरक्षण देकर जातीय भेदभाव को संवैधानिक मान्यता दी जा रही है ! सही है दलित जाए ‘मायावती’ के साथ ,मुसलमन जाए ‘मुलायम सिंह’ के साथ…..सेकूलाएर जाए “कांग्रेस के साथ” ………..देश का क्या है कुछ ओर टुकड़े होने दो ..’खालिस्तान’…..’मुगलिस्तान’..’.दलितिस्तान’….’.स्वर्णस्थान’……..
    4 hours ago · Unlike · 3
  •  
    नितिन सिंह सावरकर पदोन्नति में आरक्षण’ ,कांग्रेस के ‘नीच-चाल’…. जो सवर्ण ‘मायावती को उत्तेरप्रदेश ‘ में ओर ‘मोदी जी को गुजरात में’ सपोर्ट करके ‘मुख्यमंत्री’ बना सकते हैं क्या उन्होने ‘दलितों का शोषण’ कभी वास्तव में किया होगा इस पर बहस के लिए ‘दलित बुदिजीवी’ वर्ग को अब ‘आरक्षण की गंदी राजनीति’ को समझना पड़ेगा ! 

    पूरा ‘इतिहास’ ही बदला हुआ है कम से कम ‘सही ओर ग़लत’ पर बहस तो होने ही चाहिये दलितों को ‘मुर्ख पासवान’ ओर चतुर कांग्रेस के ‘भरम’ से बाहर आना ही पड़ेगा ! देश को आज मोदी जी की बहुत ज़रूरत है विकास के लिए , ना की ‘तुस्टिकरण राजनीति’ के लिए कांग्रेस या अन्य पार्टी की !

    **************

    ‘दलितों में भी हज़ारों जातियाँ हैं जिनका आपस में कोई रोटी-बेटी का संबंध नहीं है. इनमें भी कई जातियाँ अपनी जाती को दूसरी दलित जातियों से श्रेष्ठ मानती हैं ! 65 सालसे चली आ रही आरक्षण व्यवस्था से कुछ गिनी चुनी जातियों का ऐसा वर्ग बन गया है जो बार बार आरक्षण से लाभाविन्त हो रहा है और ज़्यादातर दलित जातियों को कोई फ़ायदा नहीं पहुँच रहा है क्योंकि इस खास वर्ग के मुकाबले वे प्रतियोगिता में नहीं टिक पाते हैं !
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर चूँकि ‘क्रांति’ की पहली शर्त है “सामाजिक एकता” और ……इसके विपरीत क्रांति ना होने देने की पहली शर्त है “समाज में विघटन, वैमनष्य, विद्वेष, लड़ाई, झगडे” आदि का बनाये रखना ! फिर इसी “गुप्त अजेंडे” के तहत समाज में “विघटन, वैमनष्य, विद्वेष, लड़ाई, झगडे” फ़ैलाने के लिए किस संगठन/राजनातिक पार्टी को खड़ा किया गया, जिसका मुख्य काम था हिन्दू-मुस्लिम दंगे करवाकर सामाजिक एकता को भंग करना और ये लोग इसमें कामयाब भी हुए ! इधर अंग्रेंजों ने कांग्रेस का निर्माण किया , चूँकि अंग्रेंज भी तो समाज में ज्यादा से ज्यादा फूट, विघटन चाहते थे. अब अंग्रेंजों और कांग्रेस दोनों का काम और रास्ता एक ही था “समाज में फूट डालना”,….. परन्तु दोनों के मकसद अलग-अलग थे ! अंग्रेंजों का मकसद फूट डालकर और जयादा दिन तक हिंदुस्तान में राज करना था, जबकि ‘कांग्रेस’ का मकसद हिंदुस्तान में “समाजवादी क्रांति” को रोकना था ! कांग्रेस एक ऐसा समूह है जिसे 1937 में ही ‘गाँधी जी’ ने दफन कर देने को कहा था…..क्यों ??
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर देश ने ‘इतिहास’ मे ऐसा पहली बार हो रहा है ..कि किसी नेता को ‘प्रधानमंत्री’ बनाने के लिये पूरे देश और विदेशो से मांग उठ रही है… अरे ……अभी तक तो प्रधानमंत्री थोपे ही जाते रहे है !!
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर मायावती ने हर गावों में , कस्बे में ‘अम्बेडकर जी’ की मूर्ति लगवाई है उसका क्या तर्क है …मतलब कल आने समय में वाले लोग “बोध धर्म/हिन्दू धर्म ” की बजाये “अम्बेडकर जी” की पूजा शुरु कर दे …यह क्या तर्क है ?? जब तक देश का पिछड़ा वर्ग , आरक्षण ओर इन दलित मानसिकता वाले नेताओ से छुटकारा नही पाते हैं तब तक देश का विकास , ओर दलित को सामाजिक न्याय सम्भव ही नही है !! अगर वास्तव में मायावती दलित/ पिछडे वर्ग के उत्थान की समर्थक होती तो “आरक्षण को लात मारकर” , पिछडे वर्गो के लिये Free Education ओर ‘स्व-रोजगार’ ( industry support ) की व्यवस्था कर चुकी होती ,……. ना की फिर से नौकरी में “प्दोनति में आरक्षण” का लालच देकर सत्ता में आने का सपना देख रही होती !!
    4 hours ago · Like · 3
  •  
    Arunesh Ek Bhartiya mitro mera vichar hai ki jab tak is desh se aarakshan nahi hatega tab tak desh me berojgari ki samasya rahegi jisse hamare yuva digbhamit hongen.
    4 hours ago · Unlike · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर जिन क्षेत्रीय पार्टियों का अपने प्रदेश मे 40 % से अधिक सीटों पर वर्चस्व है… उन्हे ही केन्द्र की संसदीय चुनावों मे भागीदारी की पात्रता होनी चाहिये , बाकी दलो की मान्यता ही रद्द कर देनी चाइये !

    केंद्र की सरकार बनाते समय यह ‘छोटे दल’ बहुत परेशान कर देते हैं और ‘सरकार’ को भी पूरे समय अपना खिलोना बनाये रखते हैं… एकदम ”गुंडों” की तरह बर्ताव रहता है !

    कम से कम ‘देश के विकाश’ से इनका कही से कही तक वास्ता होता ही नही है …फिर इन दलो को मान्यता देने का ‘आधार’ क्या है ??

    आज देश की संसद में कोई काम ‘संवेधानिक तरीके’ से होता ही नही है , इन लोगों के कारण… ये तो बाधा की तरह होते जा रहे हैं !

    *********************

    देश की लोकतांत्रिक प्रणाली का सबसे ज्यादा मजाक तो तब दिखता है जब ‘4-5 सांसदो’ के साथ अनपढ , जाहिल भी ‘मंत्रालायो’ पर काबिज हो जाते हैं !

    अगर ‘जनसख्या’ के हिसाब से ही “लोकतंत्र” चलता रहा तो वो दिन दूर नही जब ‘योग्य लोगो’ को तो देश से पलायन / आत्महत्या ही करनी पड़ेगी , और ज्यादा ‘जनसख्या’ के आधार पर जीते प्रतिनिधि (जो ज्यादातर धूर्त , मक्कार, लोभी , अधर्मी , बलात्कारी ही निकलते हैं ) ही आज देश के सबसे बड़े खलनायक बने हुए हैं !

    क्या देश के इंजिनियर , डॉक्टर्स ओर वेज्ञानिको को देश के ”महत्वपूर्ण -मंत्रालायो” का संभालने का कोई आधार नही होना चाहिये ?????

    ( यह *योग्य लोग आज चुनाव लड़ने के बारे में सोचना तो दूर , वोट देने भी नही जाते हैं )
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर मोदी जी को देश के दलित (90%) स्वर्णो का नेता मानते हैं …बहन जी के लिये उत्तर-प्रदेश के गांवो में दलित प्रेम सायद हम यहा पर आपको नही समझा पायेंगे ,वो केवल चुनवा के समय ही दिखता है ,इस बार भी दिखेगा
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर डी एम के, कॉंग्रेस, मुलायम, मायावती, पासवान और लालू सब के सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे है ये सब देश को बर्बाद करने मे लगे है कॉंग्रेस ने पहले अंग्रेजो के साथ मिलकर देश और देश के लोगो को लूटा, इनको देश की चिंता नही केवल अपनी अपनी पार्टी और सरकार बनाने की चिंता है उसके लिये इनको ज़रूरत पड़े तो ये देश के टुकड़े भी कर सकते है, जैसे कॉंग्रेस ने पाकिस्तान को भारत से अलग किया था केवल सत्ता पर काबिज होने के लिये ! ये सबके सब झुटे और देशद्रोही है जो हमेशा समाज में साम्प्रदायिकता, जाती और धर्म की राजनीति करते है
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया है कि अलग-अलग जाति और इलाकों के नाम पर आर्मी में जो रेजिमेंट बनाई गई हैं, उन्हें खत्म किया जाना चाहिए।

    ——————————-
    फ़ौजी लड़ता है गौरव के लिये, और हर ‘रेजिमेन्ट’ में सभी जाती के लोग होते हैं, लेकिन हर रेजिमेन्ट के नाम के साथ उसका इतिहास भी है, जो उसे साहस देता है !

    फ़ौज कोई फैक्टरी नहीं जहां का ‘हर प्रॉडक्ट’ एक जैसा हो, यही “बराबरी” का फॉर्मूला कम्युनिस्म् के पतन का मुख्य करण था ! ये भारतीय फ़ौज को हतोत्साहित करने एवं उनका मनोबल तोड़ने का एक ईसाई और एक इटॅलियन का षड्यंत्र है. ये “अस्वीकार्य है” !

    आर्मी मे ‘जाती-नामो’ से उस रेजिमेंट की कार्य संस्क्रति मालूम पड़ती है ! जातियॉ ओर समुदायो का वीरता पूर्ण गोरवशाली इतिहास रहा है उनसे प्रेरणा मिलती है, जेसे सिख गुरु जी ने कहा “सवा लाख से एक लडाऔ तब गुरु गोविन्द नाम कहाउ” !

    देश को अगर ‘विश्वा-गुरु’ बनाना है तो कम से कम देश की सेना को ‘आरक्ष्‍ण’ ओर ‘कम्युनिस्म् -फॉर्मूला’ से दूर ही रखना होगा !

    ***************************
    यहा किसी स्तर पर कोई भेद-भाव हो ही नही रहा है बल्कि ‘देश के इतिहास’ को संभाल कर रखने की कोशिश मात्र है ,अगर ‘जाती’ के अधार पर सेना में नौकरी /प्रमोशन मिल सकता है , तो सेना मे ‘जाती उपनाम की परम्परा ‘ को बडवा देने के लिये ‘रेजिमेंट्स’ का गठन क्यों नही किया किया जा सकता है !

    ‘जाती’ के उपनाम को हटाना एक गलत निर्णय साबित होगा …इतिहास को बदलकर कांग्रेस (काले अंग्रेज़) नेहरू रेजिमेंट, राजीव रेजिमेंट , सोनिया रेजिमेंट , राहुल रेजिमेंट चालू करना चाह रही है
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर चीन ने किया भारत पर साइबर अटैक, बेहद गोपनीय जानकारियां चुराईं…
    एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह किसी प्राइवटे ‘हैकरों’ का काम नहीं है.. बल्कि इसमें सीधे चीन सरकार शामिल है।

    ************************
    See More
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर ‘नक्सल-वाद’ इस देश के कुछ गुमराह ‘हिन्दू जातिया’ ही हैं …जो आज कांग्रेस की मदद के कारण ही पनप रही है…… ओर कुछ ‘देश-द्रोही’ एक खतरनाक-वेदेशी-साजिश के तहत’छोटे से लालच’ का फायदा…… या ‘रणवीर सेना का भ्रमित डर’,…… दिखा कर ‘नक्सल-वाद’ को हमेश जिंदा रखना चाहते हैं ! …….जिससे ‘वेदेशी कंपनी’ हमारे ‘बेशक़ीमिति खनन’ को आराम से वेदशो में भेज सके ….इस पूरे ‘चक्र’ में फायदा केवल ‘केन्द्र सरकार’ (कांग्रेस) को ही होता है वेदशो से ‘मोटा -कमिशन’ ले कर……….. ========= ‘आजादी’ के बाद से ही यह काले अंग्रेज़ सत्ता में बेठे हुए हैं ….’नक्सल-वाद’ को हल करने का कभी कोई गंभीर प्रयास क्यों नही करते हैं
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर ‘किसी विद्वान ने कहा है कि यदि किसी देश को गुलाम बनाना है सबसे पहले उसकी ‘अर्थ व्यवस्था’ पर हमला करो’……… और शायद आज यही हो रहा है , अंग्रेज भी भारत में सर्वप्रथम व्यापार करने ही आये थे बाद में गुलाम बना कर रख दिया…. आज फिर से वही संकट आन पड़ा है …. सारे नेता अपनी जेबें भरने में लगें है …अब जागो भारत के सपूतों वरना ये ‘देश के कर्णधार’ देश को लें डूबेंगें ……आखिर कब तक हम सब कुम्भक र्णी नींद सोते रहेंगें ..अरे जब सरकार का हर मोड़ पर साथ देते हो तो फिर उनकी नीतियों की आलोचना क्यों नही करते हो…….? जब हर नीति के पीछे आप सब का योगदान रहता है तो ऐसी कौन सी मजबूरी है जिसकी वजह से इन धूर्त नेताओ को ,विरोध करते हुए भी एफडी आई के समर्थन में वोट करना पड़ा
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर “यदि हम अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने में कामयाब होते हैं तो ये सभी मुद्दे ( जातिगत राजनीति से लेकर नक्सलवाद ) खत्म हो जाएंगे……. लेकिन अर्थव्यवस्था नहीं सुधरती तो सभी मुद्दे ना सिर्फ बढ़ेंगे बल्कि कई गुना हो जाएंगे.” अर्थव्यवस्था का मतलब प्राकर्तिक संशाधन होते हैं , ना की ‘भ्स्टाचार’ ! ‘खुजलीवाला’ ओर ‘गन्ना जी’ को यह कभी नही समझ में आ सकता है की भ्स्टाचार अंग्रजो के देंन है , ‘सनातन’ ओर ‘वेदिक व्यवसथा’ को लागू किये बिना यह (भ्स्टाचार) समाज से, देश से जा ही नही सकती है ================ में नक्सलवाद का विरोधी हु पर देश के ‘प्राकर्तिक संशधनो’ का विदेशी कंपनी (75%-80%) द्वारा दोहन कितना तर्कपूर्ण है???? कम से कम यहा पर आज ‘नक्सल’ ओर ‘सरकार ( कांग्रेस)’ दोनो ही एक दूसरे के पूरक बने हुए हैं !!
  •  
    नितिन सिंह सावरकर एक लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में सरकार बनाती रही करात की कम्युनिष्ट पार्टी ने पश्चिम बंगाल को तबाह कर दिया और अब विकास की बातें करता है प्रकाश करात .. वैसे करात जी आपका ”कम्युनिस्ट” मॉडल तो बंगाल की अर्थव्यस्था का सर्वनाश कर चुका है, कम्यूनिसम के जनक रूस और चीन से ”सारे-कम्युनिस्ट” दफा हो चुके हैं ….कॉंग्रेस का एक ही मॉडेल है साम्प्रदायिकता के आधार पर बांटो और राज करो और उस राज मे लूटो…. फिर तो केवल मोदी मॉडल है बचा ना ! आलोचना तर्कपूर्ण होनी चाहिये ना की इसलिये की आप किसी को नापसंद करते है. बहुत से लोग आपको भी नापसंद करते होंगे तभी आप बंगाल की सत्ता से बाहर हुए,इस देश की दुर्दशा के लिये कांग्रेस के कुकर्मों का साथ देने के लिये लेफ्ट पार्टियाँ बराबर की जिम्मेदार हैं जिसका खामियाजा अगले चुनाव में इन्हें भी भुगतना ही पड़ेगा ! ‘वामपंथियों’ और ‘कम्युनिस्ट’ के राज मे सबसे ज्यादा गरीबी, हत्याएं , नक्सलवाद होता है ! जहां जहां वामपंथियों का राज है वे राज्य सबसे गरीब राज्य है जहां सिर्फ अपराध होते है , करात के पास इसका भी कोई जवाब है या नही ????? “बंगाल में तो एक कम्युनिष्ट मुस्लिम नेता के घर में नरकंकालों का ढेर मिला जिनकी हत्या करके लाशों को दफन करता रहा…. यही है कम्युनिष्ट के विकास का ..’सेक्युलर ओर तुस्टीकरण माडल
  •  
    नितिन सिंह सावरकर विरोध में सबसे बड़ी वजह होती है ‘आर्थिक-क्षति’… जहा 64 सालो से आरक्षण के लालच से दलित नही निकल पा रह है …वही मन्दरो में चडावे.. व अन्य के लालच में ‘कुछ-पुजारीवर्ग’ ,,, विरोध तो जरूर होगा ! पर क्या इस तरह् से क्या ‘हज़ारो विद्वान’ लोगो को न्याय मिल पायेगा जो अपनी पढ़ाई खत्म कर के रोजगार के सपनो के साथ अमेरिका या जापान जा रहे हैं ??निसंदेह आज बोधिक योग्यता में ब्रमिण ही सबसे आगे हैं …फिर समाज के लिये नये ‘विचारक’ क्यों नही ….नये पथ-प्रदशक क्यों नही ?? ….जो सही उदारीकरण नीतियो की समझ रखते हो ..जो चीन से इम्पोर्ट के नाम पर होने वाले घाटे पर संसद में लड सके.. जरूरत है उन युवा की जो F.D.I को वापस भेज सके …जो देश को आधुनिक ओर आत्म-निर्भर बना सके …उन युवाओ की जो टाटा जिसे उधोगो के साथ वेश्विक-चर्चा / परि-चर्चा कर सके
  •  
    नितिन सिंह सावरकर कौन कहता है की भारत आजाद-देश है ………हम या अंग्रेज़ ????? ‘जन गण मन अधिनायक जय हे’…जॉर्ज-पंचम के अभिवादन को आज भी हम अपने ‘बच्चो’ को क्यों सीखा रहे हैं ….कोई भी ‘नेता’ आज इसका विरोध नही करता है
  •  
    नितिन सिंह सावरकर अगर देश की ‘राजनीति’ ओर ‘सत्ता’ का आधार ‘जातिगत वोट’ ओर ‘जातिगत दल’ रहते है तो दावे के साथ कहा जा सकता है कि “कांग्रेस” अगले 100-200 सालो तक राज करेगी ! 

    अगले कुछ सालो में ‘जातिगत-वोटो’ के राजनीति के कारण देश “सोमोलिया” बन जायेगा …. ओर तब देश का विभाजन तय है ! 

    *********************

    ‘सविधान में बदलाव’ ओर ‘जातिगत वोट’ के “विकल्प” को बदले बिना ….’देश के बदलाव’ के बारे में सोचना केवल ‘दिल को बहलाने’ जैसा ही है
  •  
    नितिन सिंह सावरकर युध की पहली रणनीति होती है “अपने क़िले को मजबूत करने की”….

    ज्यादातर लोग क्यों बस यह सोचते हैं कि जवानो का सर ‘पाकिस्तान’ के लोग काट रहे हैं या पाकिस्तानी जनता भी इसमैं शामिल है ! आज पाकिस्तान के साथ लड़ा जाने वाला ‘सीधा युध’ भारत-देश की जनता के कही से भी हक में नही होगा !

    कासमीर पर 64 साल से भारत का नियन्त्रण नही है , नक्सली के पास चीन के आधुनिक हथियार हैं…..क्यों ?? ( क्या केन्द्र-सरकार ओर ‘देश की B.S.F’ यह ‘नक्सल’ (हिन्दू-आदिवासी) चला रहे हैं… या बस वो ‘मुहरे’ मात्र हैं )

    मान लो अगर आज हम पाकिस्तान जीत भी लेते हैं तो क्या पाकिस्तान में वास्तव में हम Indian-Flag फेरा सकते हैं …वैसे यह कोशिश तो आज अमरीका ने भी की थी इराक़ पर .इराक़ पर आज क्यों ‘अमेरिका’ का झंडा नही लगता है …जबकि वो तो युध जीत ही चुका है !

    यह युध नही बल्कि एक “भ्रम” है …हम पहले कसमीर पर देश के ‘समान कानून’ की पेरवी क्यों नही करते हैं ,.. क्यों हम पहले नक्सल समस्या का हल नही दुँढते हैं …क्यों हम वेदेशी कंपनी को अपने देश में ‘लूट का खुला अधिकार’ ( F.D.I) देते हैं ..??

    कही ऐसा ना हो ,” बिना -तेयारी” के इस युध में चीन ‘Arunachal Pradesh’ पर अपना अधिकार ही घोसित ना कर दे ( जैसा उसने 1964 के युध में किया था …भारत के 64,000 Sq Kilometer जमीन पर कब्जा कर के )

    **************

    वैसे “केन्द्र सरकार” को इस युध से 3 सीधे -सीधे फायदे मिल ही जायेंगे …

    एक, हम कांग्रेस के घोटाले तो भूल ही चुके होंगे ,
    दूसरा , हथियारो के नाम पर हज़ारो Carores की दलाली कांग्रेस को मिलेगी,
    तीसरा , जनता पर “भयानक महागाई” थोपने का एक जबरदस्त बहाना कांग्रेस को मिल जायेगा !

    अपने घरो से बाहर निकलो , ओर इस कांग्रेस को ओर उसके 64 सालो से देश पर मची लुट को उखाड फेंको , इन सारी समसायो का समाधन अपने आप ही मिल
  •  
    नितिन सिंह सावरकर इंडियन आर्मी के कई सीक्रेट दस्तावेज लीक…

    इंडियन मिलिटरी की बुनियाद में इंटरनैशनल आर्म्स एजेंट की भीतरी तह तक घुसपैठ है। नए डॉक्युमेंट्स लीक होने से पता चलता है कि इंडियन आर्मी के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील डील इंटरनैशनल एजेंटो को पहले ही पता चल जाता था। हथियार बनाने वाली कंपनियों को यह महत्वपूर्ण दस्तावेज आर्म्स एजेंट अभिषेक वर्मा पहुंचाता था। अभी ताजा डॉक्युमेंट्स रक्षा मंत्रायलय और सीबीआई को मिले हैं जिससे पता चलता है कि अभिषेक वर्मा का सीधा कनेक्शन इंटरनैशनल आर्म्स कंपनी सिग सावर से है।

    खास तौर पर यह कि इंडियन आर्मी के पास गोला-बारूदों की भारी कमी है। यह कमी इस हद तक है कि नैशनल सिक्युरिटी के लिए खतरा है।

    *********************
    एक तरफ भारत हथियारो का सबसे बड़ा खरीदार और दूसरी तरफ हथियारो की कमी….समझ मे नही आ रहा है यह कैसा ‘गणित’ है?…मतलब क्या खाली खोके ओर फुस्स बम आयत हो रहे हैं देश की जनता के टॅक्स के पैसे से ??

    यह लोकतंत्र है या लूटतंत्र ??केंद्र-सरकार की एक और पोल खुल गयी ! आज हमारे देश मे गोला-बारूद पर्याप्त मात्रा मे नही है , रक्षा उधोगो की हालत खराब है , केंद्र-सरकार तो आज ‘पाकिस्तान’ से युध करने में भी डर रही है ..’चीन’ से युध करने की सोचना तो एक भ्रम है !

    जनता की आंख तभी खुलेगी जब ‘चीन’ मान-सरोवर की तरह् केदारनाथ ओर बद्रीनाथ भी हटप लेगा …

    “घोर अँधकार है, उजास माँगता है देश, पतझर है छाया, मधुमाश माँगता है देश कुर्बानियो का अब अहसास माँगता है देश, एक बार फिर से सुभाष माँगता है देश ॥
  •  
    नितिन सिंह सावरकर भारत बना दुनिया का सबसे ज्यादा हथियार इंपोर्ट करने वाला देश….

    भारत की पहचान अब एक ऐसे देश के रूप में बन गई है, जो पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा हथियारों को इम्पोर्ट करता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल इम्पोर्ट का 16 पर्सेंट शेयर भारत का है। भारत चीन के मुकाबले 109 पर्सेंट ज्यादा वेपन इंपोर्ट करता है। भारत ने 2005 से 2007 के मुकाबले साल 2008 से 2012 में 59 पर्सेंट ज्यादा हथियार इंपोर्ट किए।
    भारत ने इस दौरान इसमें रूस से 100 से ज्यादा Su-30MKI लड़ाकू विमान , तीन A-50EhI एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट, परमाणु पनडुब्बी और अमेरिका से 8 ऐटी सबमरीन एयरक्राफ्ट इंपोर्ट किए हैं।

    इस बीच, यूके को पछाड़ते हुए चीन दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हथियारों का एक्सपोर्टर बन गया है। 2003-07 के मुकाबले 2008-12 में चीन का हथियारों का एक्सपोर्ट 17 पर्सेंट बढ़ गया। खास बात यह है कि चीन से 55 पर्सेंट वेपन तो सिर्फ पाकिस्तान के लिए जाते हैं।

    ************************

    अपना पड़ोसी चीन हथियार निर्यात करता है, और अपना देश हथियार आयात करता है ?
    भारत में जो टेक्नालजी का टॅलेंट है उसे कुचलकर कर आयत का नियम बनया जा रहा है और दलाली बाटी जा रही है ! राजीव गाँधी से शुरु हुआ एह सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है ! इस्राइल, चीन यह देश भारत के साथ स्वतंत्र हुये है, अब वो एक्सपोर्ट कर रहे है, और हम खुद के लिये भी हथियार बना नही पा रहे है !

    आज ज़्यादातर आयातित हथियार पुराने ज़माने के है, भारत के नेता और अधिकारी रिश्वत खाकर इस प्रकार का कबाड़ खरीद रहे है जो दूसरे देशो के लिये भारी मुनाफे का सौदा है! सुखोई 1989 के जमाने का … एयरबॉर्न 1996 के जमाने का एयरक्राफ्ट है.. जो पनडुब्बी रूस से ली है वो भी पुरानी है जो 1993 मे बनाई गयी थी ! इनको फेरबदल करके भारत मे खपा दिया जाता है !

    भारत गरीब हुआ जा रहा है, लोगो के पास नौकरी नही है, ढंग का खाना नही है, महंगाई आसमान छू रही है और हम हथियार खरीदने मे पैसे बर्बाद कर रहे ! शान तब हो जब हम ‘एक्सपोर्ट’ करे, देश के पैसे क़ो अपने बेसिक समस्याये हल करने मे खर्च करे !

    सच में ‘कांग्रेस’ एक दीमक है जो धीरे धीरे भारत को खोखला कर रही है ! धूर्त मक्कर नेता लोग कमीसन के चक्कर मे ज्यादा से ज्यादा हथियार खरीद रहे है, जेब भरने के चक्कर मे देश को आत्मनिर्भर नही होने दिया……डर है ‘फुस्स-हथियारो’ की पोल तब ना खुले जब चीना ओर पाकिस्तान पूरे कासमीर पर अपना कब्जा जमाने के लिये दूसरा कारगिल शुरु कर दे ?

    65 साल बाद भी ‘छोटे-मोटे’ देशो से हथियार इम्पोर्ट करने पड रहे है ओर यह हथियार सिर्फ 26 जनवरी को दिखाने को है ,’आतंकवादी’ जहा चाहे वहा हमला कर जाते है ! जब ‘जवानो / सैनिको’ को गुलेल और लाठी से लड़ना है तो लाखो करोड़ के हथियारो का इम्पोर्ट क्यों ??

    धन्य हो भारत के नेता … एक ओर तो नंबर वन ‘हथियार-खरीददार’… दूसरी ओर जवानो के पास हथियार ही नही…ग़ालिब का शेर याद आता है:

    “बर्बाद गुलिस्तां करने को एक ही ऊल्लू काफी है!
    जब हर शाख पे ऊल्लू बैठा हो, तो अंजामे गुलिस्तां क्या होगा!”
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर सरकार नहीं करने दे रही चीन से मुकाबलाः रतन टाटा……. देश का सत्यानाश करने के लिये ही अंग्रेजो ने “कांग्रेस” को जन्म दिया था. आज भी सारे ‘प्राकर्तिक संसधान’ विदेशी कंपनी के ही कब्जे में हैं ……….’स्व-रोजगार’ के नाम पर multinational companies के छोटे छोटे काम ,भारतीया कंपनी के हिस्से में आते हैं …व्यापार में मदद के नाम पर ’35 तरह के TAX’ बनाये हुए हैं …क्यों भाई ???? ‘मॉरिशस’ जैसे छोटे देश में ,छोटा सा कार्यालय खोल कर कोई भी देश भारत में multinational कंपनी चला सकता है …वो भी बिना टॅक्स दिये …अनुदान (SUBSIDY) के नाम पर…?? पड़े लिखे कहे जाने वाले युवा ,सरकारी ओर प्राइवेट COMPANIES में नौकरी बदलते-बदलते/ तलाशे-तलाशे ही अपनी जिंदगी खतम कर देते है ….तो फिर भला ‘व्यापार’ के बारे में कौन सोचे ??.
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर गाँधी को ‘महात्मा’ और ‘हिटलर’ को ‘दरिंदा’ बनाने में , जितना साथ ‘बॉलीवुड’ का था , उससे कही ज्यादा हाथ ‘हॉलीवुड’ का भी है !! पता नही कैसे 64 सालो में इन सभ्य “यहुदयो ने ” विश्व ” के जायदतर ‘बाजार’ पर अपना कब्जा जमा लिया है ???
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर “मोदी जी” क्यूं प्रधान मंत्री के लिये श्रेष्ट है ? आइये आकलन करें !!!

    ‘मोदी जी’ , जाती से दलित है इसलिये दलितों की भावना को ध्यान मे रख सर्वश्रेस्ट है !

    ‘मोदी जी’ एक “वाइब्रेंट सम्मेलन” मे एक दिन मे ई 50 हजार करोड़ का निवेश कराने की ताकत रखते है और देश के नंबर एक पूंजीपति अंबानी उन्हें झुक कर स्लाम करते हैइसलिए ऑडी श्रेष्ट वणिक है

    ‘मोदी जी’ वीर क्षत्रिय है शासन चलाने का उनका तरीका कुशल है ,केवल आज मोदी जी ही देश का स्वाभिमान वापसा दिला सकते हैं , यह हिम्मत केवल कोई ‘क्षत्रिय’ ही कर सकता है

    ‘मोदी जी’ की श्रेष्ट ‘नितिया’ जिनमे समाज का पूर्ण हित है…समाज उन्नत है .. यह गुण ‘मोदी जी’ को श्रेष्ट ब्राह्मण बनाता है !

    ‘मोदी जी’ के राज्य मे सिख, बोद्ध, जैन , पारसी यहाँ तक की उनसे न्फरत करने वाले ‘मुस्लिम’ भी न्याय पूर्वक और अच्छ से उन्नति कर रहे है ! इसलिये मोदी सर्व धर्म के साथ है !

    **********************

    ….. और इन्ही सब गुणो के कारण ‘मोदी जी’ सर्व श्रेष्ट है !

    वे संतों की संगति करते है वे दुष्टों को दंड देते है वे फालतू के वोट बेंक के चक्कर मे जबरन मुस्लिम को खुश करने मे नही लगे रहते है …..वो सब के साथ न्याय करते है

    इसलिये मोदी श्रेष्ट है ……………क्या कोई और नेता “मोदी जैसा है ??
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर जब मोदी जी गुजरात में 10,000 मदिरो / मस्जिदो को तुडवाते हैं तो यह मीडिया मोदी जी को हिन्दू विरोधी बोलता है !(जबकि वो मंदिर / मस्जिद कब्जा की हुई जमीन पर बने हुए थे! उनके बदले में नये मंदिर ओर मस्जिदे भी बनवायी गयी है )

    जब शिवराज जी भोजशाला में नमाज़ की अनुमति देते हैं तो इसमे भला हिन्दुओ को क्या परेशानी है ??

    बल्कि ‘शिव राज जी’ ओर ‘मोदी जी’ दोनो ही देश से ‘मंदिर मस्जिद’ के भेद-भाव को दूर करने जा रहे है ..

    *****************

    देश के सबसे बड़े “धर्म निरपेक्ष” तो यह दोनो नेता ही है… ओर यह दोनो ही देश को एक नये रास्ते पर ले कर जाने वाले हैं …क्या फर्क पड़ता है ….अगर हिन्दू ‘मस्जिद’ में पूजा करे ओर मुस्लिम ‘मंदिरो’ में नमाज़ ??

    कम से कम देशहित में आज धार्मिक मतभेदो को कुछ समय के लिये भूल जाना ही सबसे बड़ा ‘देशधर्म’ होगा … . आज सबसे जरूरत सारी “जनता को एकजुट” होकर देश को बचाने की है …
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर नरेंद्र मोदी – मैं बताता हूँ आपको कि क्या है हिंदुत्व , हिंदुत्व कहता है ‘’ सर्वधर्म समभाव ‘’ यानी सभी धर्मों का सम्मान हो और सभी धर्मों के प्रति हमारे भीतर अच्छे और समान भाव हों , जरा आप बताएंगी कि इस देश में कौन है जो इस बात का विरोध करेगा, हिंदुत्व कहता है ‘’ एकमसत् विप्राः बहुधा वधंती ‘’ यानी सत्य एक है अलग-२ लोग उसको अलग-२ प्रकार से कहते हैं चाहे वो गीता के जरिये कहें या कुरआन के जरिये या महाभारत के जरिये या रामायण इत्यादि के जरिये , हिंदुत्व कहता है ‘’ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यन्ते मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत् ।। ‘’ यानी सभी सुखी हों सबको आरोग्य मिले सबको अच्छी शिक्षा-दीक्षा मिले ये कहता है हिंदुत्व , है कोई इस देश में जो इसका विरोध करेगा ..
    4 hours ago · Like · 1
  •  
    नितिन सिंह सावरकर स देश में जिनको संप्रदययिक मुद्दे कहा जाता है वो वास्तव में हमारे देश की पूर्वजो का छुपा हुआ “वेदिक विज्ञान” है …चाहे सूर्य नमस्कार हो ,गंगा स्नान हो ,भगवा रंग हो ……शिवलिंग पूजा …या अन्य- अन्य ,,!!
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर Raja Sharma @ जिस दिन हिन्दू समाज में पुनः राष्ट्रभक्त भामाशाह पैदा होने लगेंगे.. उसी दिन हिन्दू समाज से कई महाराणा प्रताप अपने वनवास से निकल कर सम्पूर्ण समाज एवं भारत को इन नारकीय सेकुलरों और विदेशियों से मुक्ति दिला देंगे
    4 hours ago · Like · 3
  •  
    नितिन सिंह सावरकर हिमाचल प्रदेश सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को योगगुरु बाबा रामदेव को 2010 में आवंटित जमीन अपने कब्जे में ले ली। ************************ अब भाई इस देश के “गरीब लोगो” के लिये ….पहले इस ‘जमीन’ को 100-200 carores में किसी ‘वेदेशी कंपनी’ को बेचा जायेगा , ताकि वेदेशी लोग यहा पर आये ओर ‘उदारीकरण’ के नाम पर अपना पुराना खेल दिखाये , इस खेल में , पूँजी ओर निवेश भी इन वेदेशी कम्पनियो का नही होगा बल्कि ‘वेदशो के बैंक’ लगाएंगे, …जो देश की जनता Mutual Fund ओर Fixed Deposit के नाम पर इन वेदेशी-बॅंको में जमा करती रहती है , फिर हम इन ‘वेदेशी कम्पनियो’ में , ‘अमेरिका’ या ‘इसराएल’ के ‘अधूरे -फार्मूले’ पर किसी ‘नयी दवा’ की प्रतिरोधक वेक्सीन बनायेंगे …….अगर फार्मूले “पास” तो ‘अमेरिका’ ओर ‘युरोप’ में दवाओ को एक्सपोर्ट करके शुध मुनाफा कमाएंगे …अगर फार्मूले ‘फेल’ तो देश के जनता के उपर किसी “नये बहाने (?)” से यहा के ‘अल्पबुधी डॉक्टरो’ की मदद से थोप ही देंगे , अब अगर ‘आर्सेनिक’ जैसे रसायन निकलते भी है तो इन जहीरेले रसायन को ठिकाने लगाने के लिये “गंगा” या अन्य देश की नदिया तो नजदीक ही मिल ही जाती है , इसी बहाने किसी नयी वेदेशी कंपनी को शुध-पेय-जल के नाम देश को ‘बोतलो को पानी’ बेचने का एक बहाना भी मिल जायेगा ! ** सोलन , झाड़माजरी ,बददी ( हिमाचल प्रदेश) में तो पूरा भूगर्व- पेयजल ही प्रूदूशित हो चुका है ओर यहा से निर्मित 70% दवाये देश के बाहर् ही जाती है , बाकी बची लगभग वो सारी दवाये हमको खिलाई जा रही हैं जो खुद भयानक बीमारियो की कारक है ! ….अब यह ‘रामदेव जी’ कहा इतने बड़े कुचक्र में इन … “उदारीकरण के ठगो” का साथ देने वाले है
    4 hours ago · Like · 3
  •  
    नितिन सिंह सावरकर लोकतंत्र में ‘राजनीति’ का मतलब ही गलत है…….इतिहास की बहुत बड़ी भूल है ! अपराध ओर भ्रस्टाचार ‘राजनीति’ से प्रकट होने वाले भूत है , ‘आतंकवाद’ इस ‘राजनीति’ को जिंदा रखने वाला तंत्र (?) है ! यह ‘अपराध’ , ‘भ्रस्टाचार’ और ‘आतंकवाद’ हमेशा ‘राजनीति’ के…. साथ ही साथ रहते आये है …साथ ही साथ जायेंगे ! देश में सही मायने में ‘लोकतंत्र’ अभी तक आया ही नही है !!
    4 hours ago · Like · 3
  •  
    नितिन सिंह सावरकर सबसे बड़ा प्रश्न यह है की हमारा वर्तमान दुश्मन कौन है ??

    जहा आफ्रिका / अरब देश , देश की जायदतर देश-निर्मित वस्तुओ का आयात करते हैं (चाहे मजबूरी में ) , वही अमेरिका अपने उत्पादो को देश पर “चेपने” के लिये बेठा रहा रहता है !

    फिर आखिर किस मजबूरी में कांग्रेस ने सारी उदारिकरण की नीतिया “अमेरिका” को ध्यान में रखकर बनाई हुई है ?

    कही कोई ‘गहन-अंदरूनी- समझोता” तो नही है ?? इस देश का अमेरिका से ‘शुध-मुनाफा’ कितना है ?? देश के सबसे ज्यादा योगय लोग नौकरी की तलाश में बाहर क्यों जाते है ..क्या वाकई वो अपने आप जा रहे हैं या कोई … किसी साजिस के तहत.. भेजे जा रहे हैं ??

    प्रश्न तो बहुत सारे है पर उत्तर मिल नही पा रहे हैं ..

    अगर हम सारी सारे ‘वैश्विक-सन्धिया’ एक झटके में तोड नही सकते है ?? आखिर कौन सा देश हमारे देह पर हमला करेगा ??किसको लगता है अमेरिका हमारे उपर हमला करेगा ??? या फिर कोई अरब देश ??…क्यों करेगा ???

    जितने भी देशो में आज तक “क्रांति” हुई है बस जनता को आगे आना पड़ता है ??? इस देश में विश्व के सबसे ज्यादा ‘इंजिनियर’ ओर ‘डॉक्टर्स’ है..पूरे विश्व को खिलाने लायक किसान अनाज उगाते है…देश-भक्त सेनिको की फ़ौज़ है , जो अपने देश के रक्षा के लिये आज भी अपनी गर्दन कटवा देते है .. ..राणा प्रताप के वंसज है , हिन्दुत्व के रक्षक सिख है , सुबाश चन्द के अधूरे-सपने को पूरा करने वाले लोग है ,दूसरा भगत सिंह बनने वाले हज़ारो युवा है

    ….क्या इस देश के युवा कोई ‘सेलाब’ नही ला सकते है .???मोदी जी , रामदेव जी , स्वामी जी , वी के सिंह जैसे ‘नेत्रत्व’ है …

    बस ‘मन’ को जगा..लो कुछ भी हो सकता है ,

    शरीर नश्वर है , आत्मा अजर अमर है !!
    4 hours ago · Like · 3
  •  
    नितिन सिंह सावरकर रामसेतु मसला धर्म से कम , देश की “सुरक्षा” से ज्यादा जुड़ा है ……

    पाकिस्तान ने चीन को सेनिक हवाई अड्डे की इज़ाज़त दे दी है , यह सब जानते है ! पाकिस्तान की श्रीलंका प्रेमभक्ति …..लाखो तमिलो के नरशंहार में साफ-साफ देखी जा चुकी है , सारे हथियार चीन के मदद से पाकिस्तान के नाम पर बचे गये थे , लाखो तमिलो का कत्ले आम किया गया , जो बेचारे बस ‘रहने का समान हक’ मांगते थे , ओर दुनिया के सबसे कट्टर हिन्दू आतंकवादी कहलाते थे , हमारे सामने ही तमिल – हिन्दुओ को काटा गया , और हमने कुछ नही किया…बस सरकार को कोसते रहे …..

    यह राम सेतु पुल आज पाकिस्तान ओर श्रीलंका जल-व्यापार की बहुत बड़ी समस्या है ,… ‘गल्फ ऑफ मन्नार’ के बीच का जलमार्ग ‘पॅल्क स्ट्रेट’ के तोड़ने / खुलने से समुद्र व्यापार का रास्ता साफ हो जायेगा , जिससे श्रीलंका ,चीन ओर पाकिस्तान आरम से मिलकर जल-व्यापार कर सकते है !

    समुद्र की चक्रवर्ती धाराओ के कारण आज पाकिस्तान के युध्यीय जहाजो को भी बहुत लम्बा घुमकर श्रीलंका पहुचना पड़ता है,… जिससे ‘हमारे देश’ के तट अपने आप ही सुरक्षित है !

    *इस तरह् , संक्षेप में कहे तो ,……. श्रीलंका की मदद से चीन और पाकिस्तान के जहाज हमारे समुद-तट के एकदम नजदीक .. बे-रोकटोक आराम से घूमेंगे …

    ***********************
    आज व्यापरिक -जहाज ,…… कल चीन की ‘नोसेनिक-पनडुब्बी’ …

    वैसे चीन के साथ , सत्ता में बेठे काले अंग्रजो का “प्रेम”(?) कई बार पहले भी दिखा है …
    1962 में 64 लाख वर्गमील देश की जमीन को बस मूर्खता में हार जाना , कैलाश मान सरोवर को ‘दान’ देना… .’इम्पोर्’ट के नाम पर देश के ‘छोटे उधोगो’ को ‘चीन’ से बुरी तरह् पिटवाना

    अब क्या ………काले अंग्रजो का चीन-प्रेम भी … देश के अल्पबुधी भूल गये है … ???
    4 hours ago · Like · 2
  •  
    नितिन सिंह सावरकर नरेंद्र मोदी के पास अभी अनुभव की कमी है…उन्हें बहुत कुछ सीखने की जरूरत है : “गोविंदाचार्य” ********************* अरे जिस(?) को अनुभव था उन्होने क्या कर दिया..???कल तक तो उत्तर प्रदेश में B.J.P का नाम लेने को ही कोई तैयार नही था …B.J.P के fix Voter (?) भी उत्तर प्रदेश में मायावती /मुलायम में उम्मीद दूंढ़ रहे थे ! मायवती के पास जाने वाले वोट में आज दलित के बाद सबसे ज्यादा योगदान ‘पंडितो’ का ही है जी सतीश चन्द मिश्र के नाम पर मायवती को मिलता है ….वही ज्यादातर राजपूत वोट, राजा भैया के नाम पर मुलायम को मिलता है ! नेता जी भी तो फ़ौज बनाने का अनुभव नई था… भगत सिंह को शहीद होने का अनुभव नही था… अम्बेंदकर जी को सविधान बनाने का अनुभव नही था… हर काम लाइफ में कभी ना कभी तो फर्स्ट टाइम ही होता है… बस काबिलियत , ईमानदारी और लगन की जरूरत होते है…और वो सब है मोदीजी में… पहले बार देश में युवा किसी एक नाम पर सहमत है ! “इस देश की गंदी राजनीति में कमल के समान है मोदीजी
    3 hours ago · Like · 3
  •  
    Neha Singh विधानसभा में 40 सेकंड तक रोते रहे उमर अब्दुल्ला

    किसी प्रदेश का मुख्यमंत्री इस हद तक मजबूर हो सकता है कि विधानसभा में 40 सेकंड तक चुपचाप दोनों हाथों के बल सिर टिकाए सिसकता रहे। कुछ ऐसा ही नजारा जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दिखा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला विधानसभा में पुलिस फायरिंग में 24 साल के युवक की मौत पर बयान दे रहे थे। सुरक्षा बलों ने अफजल गुरु की फांसी के बाद घाटी में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान गोली चलाई थी।

    उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में पूछा कि क्या प्रदर्शन के दौरान पत्थर फेंकने वालों को गोली मार देनी चाहिए? क्या यह पहली बार है कि लोग सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंक रहे हैं? तो फिर गोली क्यों चलाई गई? मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को लगता है कि इन युवाओं के प्रति मेरा इमोशन नहीं है। सच तो यह है कि विपक्ष से कहीं ज्यादा इमोशन इन युवाओं के लिए है।

    ***************************
    यह इसके घडियाली आंसू है..क्या इसे नहीं पता की अफजल एक आतंकवादी था ? यह आदमी अफजल के पक्ष में बोल कर घाटी में उन्माद क्यो फैला रहा था ????अच्छा अच्छा तो मुस्लिम भाइओ का शहीद क्रांतिकारी है ओर इनके ‘हक की लड़ाई’ लड रहा था !

    अब तो लगता है ‘संबिधान’ बदलने की जरूरत है ,मुसलमानो को जिस तरह 4 शादी करने का हक है उसी तरह देश में कम से कम 7 हत्या और बम बिस्फोट करने का हक होना चाहिये और कोई हिन्दू मूह से आबज निकले तो उम्र-कैद या सजाये मौत देनी चाहिये…अगर कोई कोई मुस्लिम, हिन्दू लड़की के साथ बलात्कार / जबरदस्ती करता है तो तुरंत जमानत का अधिकार होना चाहिये …आदि आदि !!!!

    सारे कांग्रेस ओर …सहयोगी पार्टिया (?), एक नाटक कंपनी बना लो …जबरदस्त चलेगी , वर्ल्ड Tour पर ले जाना , ऑस्कर भी मिलेगा , सारे ‘जोकर’ और ‘नाटकबाज’ तो यहीं भरे हुए हैं….

    “आजकल तो एक ‘खुजली-कुत्ता’ भी आप ही लोगो (कांग्रेस) का सहयोगी बना बेठा है” —
    3 hours ago · Like · 2
  •  
    Neha Singh देश में आज लगभग सारे कानूनी काम ‘अंग्रेज़ी’ में किये जाते हैं ,सरकार द्वारा तर्क दिया जाता है की हमको आधुनिक होना है , हमको भी ‘विकसित-देश’ बनना है…एसलिए हमारी शिक्षा में “अंग्रेज़ी भाषा” जरूरी है !

    ‘त्रिकोणमिति’ ओर ‘कॅल्क्युलस’ जो की “Missile- टेक्नालजी” का मुख्य हिस्सा होता है वो भारत देश में हज़ारो साल से पदाई जाती है फिर हमने “Missile- टेक्नालजी” पर काम क्यों न्ही किया …या अगर किया था तो क्यों ‘दबा’ दिया गया ??…

    आज भी हम ‘अपनी सुरक्षा’ के नाम पर “Used Weapons” “22,000 thousand carores” रुपया खर्च करके ‘रुश’ और ‘अमेरिका’ से क्यों खरीद रहे हैं ….हमारी ‘स्वदेशी कंपनी’ को मौका क्यों नही दिया जाता है …अगर कुछ को दिया भी जा रहा है तो वो बस नाम की ही ‘स्वदेशी कंपनी’ होती हैं पर उनका ओर मुनाफा अमेरिका ले जाता है क्यों …???

    जर्मनी जैसे देश क्यों आज ‘संस्कृत’ पर हज़ारो ‘करोड़ रुपये’ खर्च करके शोध कर रहे है…. ओर अमेरिका भी ‘संस्कृत-शोध’ गुप-चुप तरीके से शुरु कर चुका है …क्यों ???हज़ारो साल पहले हमारे ‘पूर्वजो’ द्वारा विज्ञान ( चाहे भौतिकी हो…गणित हो या चिकित्सा) पर की गयी शोध को देश के युवा जानते ही नही है …क्यों की किसी भी so called “Convent School” में इसकी जानकरी नही दी जाती है ,…..’शिशु मंदिर’ तो अब बस देश के बच्चो को ‘भीख में खाना देने’ के केन्द्र बन कर रह गये हैं …जिससे बच्चो का ‘मनोबल’ कभी विकसित ही ना हो पाये !

    ‘संस्कृत’ पर विकसित देशो में हो रही शोध का यह मतलब नही है की यह देश (विकसित-देश) हमारे ज्ञान को हमारे लिये पढ रहे हैं… बल्कि वो गुप-चुप तरीके से हमारे विज्ञान को (जो की संस्कृत भाषा में लिखा हुआ है ) समझ कर , धीरे-धीरे अपने नाम Patent करते जा रहे हैं !ओर हम उस ‘संस्कृत’ को भूल कर उस ‘अंग्रेज़ी’ को इतन महत्वा दे रहे हैं ….जिसका ” विज्ञान” से कही से कही तक कोई सम्बंध ही नही था !आज देश के डॉक्टर , वकील ओर इंजिनियर ज्यादातर समय ‘अंग्रेज़ी’ सीखने में निकाल देते है ……पर उनको यह भी नही पता होता है ….की वो इस ‘अंग्रजी’ को सीख क्यों रहे हैं ???

    *************************
    जर्मनी , जापान , रूश, चीन जैसे देश आज भी क्यों ‘अंग्रेज़ी’ को अपने कानूनो , विज्ञान , सिक्षा में लागू नही कर रहे है…. फिर हमको ‘अंग्रेज़ी’ क्यों ‘थोपी’ गयी है …???
    3 hours ago · Like · 1
  •  
    Neha Singh पीएम को ‘नाइट वॉचमैन’ कहने पर मोदीजी को लीगल नोटिस..

    पीएम मनमोहन सिंह को गांधी परिवार का ‘नाइट वॉचमैन’ कहने पर बेंगलुरु के एक स्थानीय कांग्रेस नेता ने ‘मोदीजी’ को लीगल नोटिस भेजा है और मांग है कि वह अपने बयान के लिए माफी मांगे या उसे वापस लें।

    ************************
    वैसे अपना मुनु ‘नाइट वॉचमैन’ है बड़े कमाल का ‘बेशर्म’ …. ना खुद आउट होता है ना दूसरे को आने देता है! सोनिया का कमाल….पता नही किस चीज से चिपकाया इन्हें प्रधान मंत्री की कुर्सी के साथ ! बताइये मेडम ने कहा से ढूँढा ऐसा खिलौना ! ये कुर्सी है , तुम्हारा कोई जनाजा तो नही,जब सम्हाल नही सकते … तो उतर क्यों नही जाते !

    यह नाइट वॉचमैन’ अमरीका का दलाल है और पूरे दिन तिकडम भिड़ाता रहता है की ‘उनका’ और ‘माइनो फेमिली’ का फायदा कैसे हो फिर भले ही यहाँ के लोगों को रोटी ही ना मिले…. महंगाई बढ रही है और यह ‘माइनो’ के तलुवे चाट रहा है….

    नाइट वाचमैंन कहकर मोदी जी ने थोड़ा सम्मान दिया है दरअसल मन्नू तो बारहवा खिलाडी भी नही है ! इनकी बेवफाई का जबाब जनता 2014 में अवश्य देगी ! मीडिया से निवेदन है जनता के बीच जाकर ‘मुन्नू गूंगे’ के विचार टी वी पर बहस के दौरान दिखाये …सब पता चल जायेगा की कांग्रेस्स रसातल में है की नही ….??

    ….वैसे आजकल ‘नाइट वाचमैंन’……संसद में शायरी बोल कर शायरो का अपमान कर रहा है…और इसी के अंधकार से परेशान … देश की जनता से ‘युगपुरुष मोदी जी’ कहते हैं ..

    ……’माना कि अंधेरा घना है, पर दीया जलाना कहां मना है.’…..

    !! जय जय मोदी राज !! जय जय सनातन !!
    3 hours ago · Like · 1
  •  
    Neha Singh क्या भारत में ‘लोकतंत्र’ के दम पर विकाश संभव है ?? 

    ‘केंद्र-सत्ता’ और ‘रणनीति’ के लिये ‘बुढ़िजीवी-वर्ग’ और ‘चाणक्य’ की आवश्यकता होती है या चुनाव की दम पर जीते अनपढ बाहुबालियो की ? देश में सरकार है की नहीं ऐसा सवाल मन में आ रहा है ??

    खुले-आम लूट करो बस पुलिस को हिस्सा दे दो, फिर भी अगर पकड़े गये तो कोर्ट तो जिंदाबाद है ,वहा तो न्याय ही बिका हुआ है ! पैसे से कोई भी कानुन खरीद सकते है !

    अन्न भरपूर होता है पर शराब / दारू के लिये सड़ाया जाता है ! सरकारी स्कूल होते है पर शिक्षक नदारत होते हैं !सरकारी अस्पताल होते है पर इलाज़ ‘प्राइवेट’ में ही संभव है !सेना की खस्ता हालत और वेदेशी कंपनी की लूटपाट से सभी परचित ही है ! इस ‘लोकतंत्र’ की दम पर धूर्त नेताओ ने अपनी सत्ता की प्यास बुझाने के लिए देशहित से समझौता करके , देश को एक बड़े संकट में डाल दिया है !

    सबसे ज्यादा आश्चर्य तब होता है जब चुनाव के समय ‘दारू और पैसे’ का खुले आम इस्तिमाल वोट को खरीदने में होते दिखता है ,यह कैसा ‘लोकतंत्र’ है ? आखिर लोग वोट देकर किस लोकतंत्र को जिंदा रखना चाहते हैं ? देश में आम आदमी के लिये लोकतंत्र के नाम पर क्या-क्या सुविधा मिली हुई है ?

    क्या जनता लोकतंत्र के नाम पर ‘देश के संविधान’ से कोई सन्धि कर चुकी है ?भगवान ‘श्रीराम’ के समय ऐसा विचित्र लोकतंत्र नही था पर जनता संपन्न थी…राणा प्रताप के समय भी लोकतंत्र नही था पर दुसमनो को धूल चाटने के लिये आत्मनिर्भरता थी ! आज तो हम हर दिन हारते हैं ..हर दिन सैनिको की हत्या, ..हर दिन सडको पर ‘बंदरो(?)’ का उतपात ??

    *********************** 

    इस गंभीर समय में नरेन्द्र मोदीजी ने आशा का एक दीपक जलाया है ! नरेन्द्र मोदीजी की श्खसियत में चुंबकत्व है , आम आदमी इनकी और खीचता चला जाता हैं ! इस व्यक्ति में लाल बहादुर शास्त्री जैसी द्रड़ता हैं, सुभाष चंद्रा बोस जैसा देशप्रेम और होसला हैं, वीर सावरकर जैसी वेज्ञानिकता और दूरदर्शिता हैं !गुजरात में प्रगती का जो चमत्कार उन्होंने किया है, सामाजिक शांती का जो माहोल गुजरात में है उसे अब देश स्तर पर लाने की नितांत आवश्यकता है !

    लोकतंत्र (शाब्दिक अर्थ “लोगों का शासन”, संस्कृत लोक, “जनता” ,तंत्र ,”शासन”, ) या प्रजातंत्र एक ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें जनता अपना शासक खुद चुनती है 

    बहुत झेल लिया 64 साल पुराना अंग्रेजो का बनया यह झूठा और घटिया लोकतंत्र , अब तो बारी है अपने ‘राजा’ को चुनने की …

From → Uncategorized

Leave a Comment

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: